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शान्ति PEACE

सौन्दर्य

लौट कर आना

कर्मयोगी

तुझे खोज ही लेते श्याम

गांव में बचपन में

Mujhe aur kya chahiye

निर्वेद शून्य सत्य

हम कहाँ नहीं

फुलझडियां

मीराबाई

क्या ग़नीमत नहीं ये आज़ादी

ये भी तो स्वच्छ भारत है

आलिंगन विरह-मिलन का

बड़ा साड़ा समझता है

ऐ मेरे जहां के देवता

यशोधरा

कोशिश करो जीने की

धूल धूल

एक नयन था मेरा

ईश्वर होने का शौक

इतिहास इस महल का

उम्र भर नहीं चलती

तुझे भी भूल गए

मानवता सबसे ऊपर

वाह क्या तजुर्बा है

शुभ दशहरा

आगे पाछे हरी खड़े

चाहे जहां जाऊं

मेरे कंठ तुम्हारी श्रुति हो

तू ये जान जाए

रहीम के दोहे

प्रकृति और पुरुष

Imaan ki dukaandari

आजादी की महक

क्या गिरेगा पेड़ वो

पाली जाती हैं उलझनें

तमाशा मत बनाओ जिन्दगी को

वक़्त के इस दौर में

न हो जब दिल ही सीने में

नाच रहा हर कण कण

वही संगीत मुझको

बेर केर से ये रिश्ते

खोया खोया तू भी है

Motivational lines

जैसी भी ज़िन्दगी है

मेरे साथ होती न बेखुदी

जीवन चक्र

जो सब तुम जान जाते हो

प्यास HRB

आज़ादी से ऊंचा मूल्य नहीं

खेल दुनियादारी का

जानते हैं दोनों

सुरक्षित दिल, दिमाग और शरीर