शुभ दशहरा

झूठ की सहजता, 
सच की पूजा।

अधर्म का मायाजाल,
धर्म की जीत।

अंधेरों का पहाड़,
उजालों की बारिश।

भय का शोर,
उत्साह की बहार।

दुविधा की आंधी,
शान्ति की बयार।

शुभ दशहरा
विजयदशमी त्यौहार।

...poet Reetesh
(२५-१०-२०)



Comments