सुनो,

रुको जरा,

मेरे पास आओ,

मुझे कुछ कहना है।

तुमको भी वो पता है,

खामोश मैंने कई बार कहा है

मेरे साथ तुम चलोगे क्या

मेरे रास्ते वीरान हैं।

खामोश न रहो,

बोलो जरा,

सुनो,

ऐ।

...poet Reetesh 
2010

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