एक नयन था मेरा

जिन नैनों का
प्रेम निमंत्रण

तुमने था ठुकराया

उन नैनों में
सजल स्नेहमय

एक नयन था मेरा ।।

जिन रत्नों का 
मंगल कंकन

फेका कह कर माया

उन रत्नों में 
ज्योतित चिन्मय

एक रत्न था मेरा।।

...HRB

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