जानते हैं दोनों
क्या कहें
क्या मतलब बेवजह कहने से,
जानते है दोनों
फिर भी खामोश रहने से।
छुपाए हैं दोनों
दिल की परतों का सूखापन,
दोनों दरिया हैं
हैं दोनों ही झरने से।
मिल जाएं दोनों
और दो पल का रिश्ता वो,
गुजरे एक पल में
तड़पाए फिर एक होने से।
Poet Reetesh
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