ईश्वर होने का शौक

खुल रहीं सब परतें,

विज्ञान का विकास है।

माया में माया रचके

रेत को कसने का प्रयास है।।

नकली विचार, भाव, सपने

नकली एहसास है।

सच को धुंधला करके,

बढ़ाना झूठ पे विश्वास है।।

अपनी मलकियत में सब कुछ,

लाने का प्रयास है।

ईश्वर होने का शौक है,

परम सत्ता की प्यास है।।

... poet Reetesh 😊👍

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