Motivational lines
हाथ जिनमें है जुनूं
कटते नहीं तलवार से,
सर जो उठ जाते हैं
वो झुकते नहीं ललकार से
और भड़केगा जो
शोला सा हमारे दिल में है,
देखना है ज़ोर कितना
बाजुए कातिल में है।
जिस्म वो क्या जिस्म है
जिसमें न हो खुने ज़ुनू,
क्या लडे तूफान से
जो कस्ती ए साहिल में है।
दिल में तूफ़ानों की टोली
और नसों में इन्कलाब,
दूर रह पाए जो हमसे
दम कहां मंज़िल में है।
बिस्मिल
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