खोया खोया तू भी है

अपने अपने दिल के अंदर
सिमटे हुए हैं हम दोनों

गुमसुम गुमसुम मैं भी हूं
खोया खोया तू भी है।

सिवाय प्यार के 
कोई हुनर नहीं सीखा,

बहुत न सीखना 
हमको कमाल रास आया।

सौ दुख हमने सह लिए
ले मुस्कान प्रगाढ़,

एक खुशी जैसे मिली
आई आंसू बाढ़।

कोई हो समझने वाला
तो बहुत नहीं फसाना,

कभी मुस्का के रोना
कभी रो के मुस्काना।

अज्ञात

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