तुझे भी भूल गए
नहीं नहीं हमें अब
तेरी जुस्तजू भी नहीं।
तुझे भी भूल गए हम
तेरी ख़ुशी के लिए।
कहां के इश्को- मोहब्ब्त
किधर के हिज़रो विसाल।
अभी तो लोग तरसते हैं
जिन्दगी के लिए।
तेरे जहां की हर दिलकशी
सलामत है।
मेरी निगाह भटकती है
आदमी के लिए।
अज्ञात
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