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Showing posts from October, 2020

ईश्वर होने का शौक

इतिहास इस महल का

उम्र भर नहीं चलती

तुझे भी भूल गए

मानवता सबसे ऊपर

वाह क्या तजुर्बा है

शुभ दशहरा

आगे पाछे हरी खड़े

चाहे जहां जाऊं

मेरे कंठ तुम्हारी श्रुति हो

तू ये जान जाए

रहीम के दोहे

प्रकृति और पुरुष

Imaan ki dukaandari

आजादी की महक

क्या गिरेगा पेड़ वो

पाली जाती हैं उलझनें

तमाशा मत बनाओ जिन्दगी को

वक़्त के इस दौर में

न हो जब दिल ही सीने में

नाच रहा हर कण कण

वही संगीत मुझको

बेर केर से ये रिश्ते

खोया खोया तू भी है

Motivational lines

जैसी भी ज़िन्दगी है

मेरे साथ होती न बेखुदी

जीवन चक्र

जो सब तुम जान जाते हो

प्यास HRB

आज़ादी से ऊंचा मूल्य नहीं