गणतंत्र के जश्न का क्या महत्त्व है?
गणतंत्र की व्यवस्था की खोज भारत के ऋषि-मुनियों ने की थी। और भारत में पहले से गणसंघ की परंपरा थी, जो कि गुलामी के समयों में विलुप्त हो गयी थी।
Enlightment age में जब भारतीय शास्त्रों का अनुवाद हुआ तो विदेशियों को गणतंत्र और प्रजातंत्र जैसी व्यवस्थाओं का ज्ञान हुआ। जिस से उन्होंने अपने यहाँ की राजशाही और चर्च के शासन को समाप्त कर, गणतन्त्र की स्थापना की। उनका जश्न मनाना उचित है। मगर हमें जश्न मनाने की क्या जरुरत है? जबकि आज भारत में किसान, युवा, व्यापारी और महिलाएं सब परेशान और आंदोलनरत हैं।
सोचें।
जय हिंद।

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