भारत में माइनॉरिटी कौन और क्यों?

1. सर्वप्रथम प्रत्येक गांव और जिला के आधार पर जो जाति कम संख्या में हो उसे माइनॉरिटी की संज्ञा दी जाए।

2. फिर राज्य और देश और विश्व स्तर पर भी अलग-अलग ऐसे ही माइनॉरिटी तय की जाए और उपयुक्त सुविधा दिया जाए।

3. माइनॉरिटी तय करने के लिए जनसँख्या प्रतिशत अधिकतम 10% रखा जाए अर्थात इससे कम जनसंख्या वाली जाति को ही विशेष संरक्षण दिया जाए ताकि देश पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न आये।

4. ये व्यवस्था भी फ्लेक्सिबल हो और जातियों के सक्षम हो जाने पर उन्हें सामान्य जाति में गिना जाए। वोटबैंक राजनीति से दूर प्रत्येक जाति को उन्नत बनाने का प्रयास हो।

5. विदेशी मानस घोर नस्लवादी होने से वहां माइनॉरिटी की परिकल्पना उत्पन्न हुई थी, पर भारत के सहिस्णु लोगो पे ये व्यवस्था उसी रूप में थोपना अन्याय होगा।

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