हिन्दुओं की कोई क्यों नहीं सुनता?

हिन्दू समाज के लोग सारे विश्व में फैलें हैं मगर फिर भी उनके अस्तित्व पे लगातार हो रहे नस्लवादी हमलों का कोई ठोस प्रतिरोध क्यों नहीं होता?क्योंकि:

1.हिन्दू समाज एक वैश्विक माइनॉरिटी है।

2.हिंदुप्रधान भारत एक गरीब देश है जिसकी सरकार fdi के लालच में विदेशी भाषा और व्यवस्था को लादने पे मजबूर है।

3.हिंदुओं की सबसे बड़ी आबादी दलित और पिछड़ों की है जो खुद को हिन्दू मात्र आरक्षणलाभ के लिये मानते हैं तथा संस्कृति के प्रति उदासीन हैं।

4.वामपन्थी एक धर्महीन, वर्गहीन समाज बनाने को हिंदुविरोध में लगे हैं।

5.इस्लाम और ईसाई मिशनरी अपनी संख्या बढ़ाने को तत्पर हैं।

6.हिन्दू संगठन मूर्खता, अहंकार और बेकार के मुददों में लगे हुए हैं।

7.हर व्यवस्था में, हर जगह नस्लवादी विदेशी दुश्मन एजेन्ट फैलें हैं।

8.नेता अपनी सैलरी और पेंशन बढ़ाने में लगें हैं।

9.लगभग 30% ही असल में हिन्दू हैं भारत में।

10.तो कौन सुने हिन्दूओं की और क्यों? सोंचे।

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